Blast in Kaushambi: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार, 31 अगस्त को पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। मनौरी बाजार में दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुए धमाकों में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं और कुछ की हालत गंभीर है। धमाकों से 6 घर भी क्षतिग्रस्त पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में अचानक पटाखा फैक्टरी में आग लगी। इसके बाद वहां रखे पटाखों में लगातार धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। कुछ ही समय में फैक्टरी पूरी तरह तबाह हो गई और आसपास के 6 मकानों को भी नुकसान पहुंचा। घायलों को इलाज के लिए प्रयागराज के SRN अस्पताल भेजा गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। स्ट्रेचर की व्यवस्था न होने पर कुछ घायलों को चारपाई पर लादकर पिकअप वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। कैसे चल रही थी फैक्टरी? इस हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार फैक्टरी का लाइसेंस 2024 में ही रद्द हो चुका था, इसके बावजूद वहां पटाखों का निर्माण और कारोबार जारी था। अब जांच का मुख्य सवाल यही है कि लाइसेंस खत्म होने के बाद फैक्टरी का संचालन किसकी अनुमति या लापरवाही से होता रहा। प्रशासन फैक्टरी और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करने की बात कह रहा है। मुख्य आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी नौशाद को पकड़ने के लिए चार टीमें लगाई थीं। मंगलवार सुबह करीब चार बजे पुलिस को उसके भागने की सूचना मिली। चरवा थाना क्षेत्र के 13 मील सराय सहावा रोड पर पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद को घिरा देखकर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर मंझनपुर जिला अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अब मामले में जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। गोदाम पर चला बुलडोजर हादसे के बाद प्रशासन ने आरोपी के पटाखा गोदाम पर भी कार्रवाई की। घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर स्थित गोदाम को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। जिलाधिकारी ने आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की बात कही है। CM योगी ने मुआवजे का किया ऐलान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत-बचाव और इलाज में तेजी के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी एसआरएन अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने तथा जांच में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कौशांबी में दो साल के भीतर पटाखा फैक्टरी में यह दूसरी बड़ी त्रासदी है। इससे अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कार्रवाई के बावजूद अवैध पटाखा कारोबार आखिर क्यों नहीं रुक पाया? ये भी पढ़ें: धमाकों से दहला मनौरी बाजार, पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट… कई मकान ढहे, 5 की मौत